Wednesday, June 22, 2016

जमशेदपुर । शहर में रमजान की रौनक ही रौनक है। सुबह सेहरी का नज़ारा और शाम में इफ्तार के सामानों की सजी  दुकानों पर लोगों का हुजूम देखते ही बनता है । मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ रही है। सुबह की नमाज़ हो या तरावीह में जज़्ब-ए इबादत के क्या कह्ने। मस्जिदों को  आबाद होता देख जोश-ए -ईमानी परवेज करने लगा है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रमजान का नज़ारा काफी प्यारा  नज़र आने लगा है। सेहरी कस वक्त किचन में चहल पहल, बच्चों के दौड़ने की आवाज़ और मस्जिदों से जागने की सदाऐं सुकून  अहसास कराती है।

Sunday, November 9, 2014

तेरे ख्याल में कुछ ऐसे गुम रहा बरसों
 मैं  अपने आप से भी मिल ना सका बरसों !